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Murder Mystery Story | Thriller Story | Suspense and Thriller Story | Jasoosi Story | Movies Story

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Vempire

Vempire

Vempire Hindi Story: यह कहानी दीप्ति नाम की एक लड़की की है। वह 18 साल की थी और बेहद खूबसूरत थी। वह स्टायरिया नामक स्थान पर रहती थी। उनके पिता बहुत अमीर थे और भारतीय साम्राज्य के लिए काम करने के बाद सेवानिवृत्त हुए। उनकी मां का देहांत हो गया था। कभी-कभी दीप्ति सपने में किसी महिला को देखती थी। Vempire Hindi Story एक दिन दीप्ति के पिता को उसके मित्र सूर्यप्रताप सिंह का पत्र प्राप्त होता है। उनका कहना है कि उनकी भतीजी उर्मिला की अचानक रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। पहले ये दोनों दीप्ति के घर आने वाले थे लेकिन इस हादसे के बाद उनका आना कैंसिल हो गया। उर्मिला की मौत की खबर से दीप्ति बहुत दुखी हो जाती है। वह उनकी बचपन की दोस्त थी। एक और घटना उसी शाम होती है। दीप्ति के घर के बाहर घोड़ा-गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है। उसमें अदिति नाम की एक बेहद खूबसूरत लड़की बैठी थी जिसे चोट लग जाती है। वह दीप्ति की ही उम्र की थी। उनके साथ अदिति की मां भी थीं। लेकिन उसे चोट नहीं आई। दीप्ति और उसके पिता बाहर आकर देखते हैं। अदिति की मां का कहना है कि उनकी बेटी को चोट लगी है. वह आगे यात्रा नहीं कर सकती। लेकिन उनका जाना बहुत जरूरी है। और वह तीन महीने बाद ही वापस आएगी। दीप्ति के पिता का कहना है कि अदिति चाहे तो उसके साथ रह सकती है। इस पर मां और बेटी दोनों सहमत हैं। लेकिन अदिति की मां उनके सामने एक शर्त रखती है कि वे अदिति से उसके अतीत या परिवार के बारे में कभी न...

Naagin 3: Intaqaam

Naagin 3: Intaqaam

नागिन की इस रोमांचक सीरीज के पहले दो अध्याय Ek Thi Naagin और  Naagin 2: Atit se Parichay को अपना प्यार देने के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि आपको यह अध्याय भी उतना ही रोचक लगेगा। हमारी कहानी की मुख्य किरदार नागिन बेला जो राजा विक्रमादित्य से अपनी मोत का बदला लेने आए हुई होती है। लेकिन फिर जब विक्रमादित्य बेला के सामने राणी बननेका प्रस्ताव रखते है तो बेला भी इंतकाम भुलाकर मोहब्बत के सफर में चलने के लिए तैयार हो जाती है। नागपंचमी के दिन बेला और विक्रमादित्य की सगाई होने वाली होती है। उसमें एक पंडित के रचे बिन के जाल में फस कर बेला का असली रूप सबके सामने आ जाता है। जिससे विक्रमादित्य बेला का घोर अपमान करता है। यहाँ तक कि वो बेला की बात सुने बिना उसे लात मारता है। जिसके कारण अब एक नागिन कसम खाती है कि वो एक बार फिर लौट के आएगी और अपना अधूरा इंतकाम पूरा करेगी। अब आगे की कहानी…. नागिन की इस रोमांचक सीरीज के पहले दो भाग नहीं पढ़े है तो पूरी कहानी समझने के लिए इन्हे भी पढ़ें: Ek Thi Naagin और  Naagin 2: Atit se Parichay Naagin 3: Intaqaam Naagin 3: Intaqaam– इस तरफ बेला राजमहल से दूर एक महारुद्र शिव मंदिर में जा रही है। बेला अत्यंत क्रोधित है। गुस्से में बेला शिवलिंग के सामने तांडव करने लगती है। बेला की आखों में अपमान का गुस्सा दिखाई देरहा है। क्रोध में तांडव करते करते बेला को उसके नागिन रूप का आरंभ याद आने लगता है। क्योंकि आज बेला को इच्छाधारी नागिन बने हुए पूरा एक महीना हो चुका है। एक...

Kaatil Kon ?

Kaatil Kon ?

Kaatil Kon ? | कातिल कौन ?: ईशा गार्डन के केबिन में बैठी सोच रही है, हालाँकि ईशा कभी इस केबिन में प्रवेश नहीं करती थी। लेकिन इस बार जो केस उसके हाथ में आया है, वास्तब में यह उसकी लाइफ का पहला रहस्यात्मक केस हैं। इतनी दर्दनाक हत्या, मतलब वो बात हो गयी की कभी-कभी वास्तविकता कल्पना से अधिक अजीब होती है। ईशा को कुछ ऐसा ही लग रहा था। ईशा को अचानक फ़ोन आता हैं। हेलो मेम! क्या रिपोर्ट को यह फाइनल भेज दू…. ? ईशा: नहीं, उसकी कोई जरुरत नहीं हैं, मैंने रिपोर्ट को देख लिया हैं। कुछ देर में वहां डिटेक्टिव आएगा, उसको सौप देना, और सुनो एक मेल मुझे भी भेज देना। ईशा: और हाँ सुनो, बॉडी को फ्रीज़र में शिफ्ट करवा देना। मुझे लगता हैं यह एक सस्पेक्टेड मर्डर लगता हैं। हो सकता हैं हमें बॉडी को री-पोस्टमार्टम करना पड़े। ईशा फिर से सोच में पड़ जाती हैं। एक सीधी साधी, सुबह से शाम तक ऑफिस में रहने वाली, सबके साथ हंसकर बात करने वाली का भला कौन दुश्मन हो सकता हैं। उसका कातिल कौन हो सकता है। ईशा का फ़ोन फिर से बजता हैं। ईशा का पति: अरे कहाँ हो तुम! अब तक तुम घर नहीं आई… ? ईशा: हाँ अभी आती हूँ। ईशा वहां से घर के लिए निकल जाती हैं। ईशा लिफ्ट में 7 पर क्लिक करती हैं। लिफ्ट पांचवे फ्लोर पर जाकर रुक गई। शायद किसी को ऊपर जाना हैं, इसलिए… ईशा फिर से उसी मर्डर के बारे में सोचने लगती हैं। पांचवे फ्लोर में ही तो वह रहती थी। ईशा हॉस्पिटल में एक फोरेंसिक पैथोलोजिस्ट हैं। क्रिटिकल एक्सीडेंट...

The Mirror

The Mirror

SKR Creations The Mirror | एक आइना: 50 वर्षीय गणेश नाम के एक व्यक्ति अपने घर में आता हुआ अपनी 21 वर्षीय बेटी को पुकार रहा था।अनन्या अपने पिता की आवाज में दौड़ती हुई आई। गणेश के हाथों में एक आइना था। उसने अनन्या को आईना सौंपते हुए उसने कहा – “यह लो आइना। कल तुम कह रही थीं न कि तुम्हें एक बहुत सुन्दर आइना लाना है।” ‘‘हां।” ‘‘मैं ले आया। यह बाज़ार में मिलने वाला सबसे महंगा है।” “ओ थैक्यू पापा” अनन्या ने अपने हाथों में एक प्रसन्न मुद्रा के साथ आइना लेकर देखते हुए कहा- “यह तो बहुत सुन्दर आइना है। मैं इसे अपने रूम में लगाऊंगी।” “चाहे जहां लगाओ।” ‘ओके’ इसके साथ, अनन्या उस खूबसूरत आइने को लेकर अपने रूम में चली आई। उसने आइना तत्काल अपने खूबसूरत कमरे की सुन्दर दीवार पर टांग दिया। Booking Now: Chardham Yatra package 2022 आइना लगभग 12 इंच लंबा और 15 इंच चौड़ा था। सुनहरे फ्रेम का यह सुंदर आइना कारीगर द्वारा बड़ी शान के साथ बनाया गया था। अनन्या आइना दीवार पर टांगने के बाद अपने बैड पर आ गई और एक बुक पढ़ने लगी। अचानक उसे महसूस हुआ कि उसका कमरा तरह-तरह के रंगों से रोशन हो रहा है। उसने चारों तरफ नजर घुमाई तभी उसकी नजरें आइने पर पहुंचकर रुक गईं। दरअसल, उनके कमरे में कांच से प्रकाश के कई रंग निकल रहे थे। जब अनन्या ने देखा कि उसके कमरे में फैली रंगीन रोशनी शीशे से बाहर आ रही है, तो उसने किताब वहीं छोड़ दी और बिस्तर से नीचे आकर आईने के करीब चली गई। अनन्या आश्चर्यचकित रह गई जब उसने दर्पण में रंगों को ध्यान से देखा। वह कुछ क्षणों तक...

Bhoot Bangla

Bhoot Bangla

Bhoot Bangla: रात के करीब 2 बजे थे, एक 25-30 साल की औरत रास्ते में ऑटो का इंतजार कर रही थी। रात काफी हो चुकी थी, और वह अकेली भी थी। कुछ देर इंतजार करने के बाद उसे एक ऑटो आता हुआ दिखाई देता है। वह ऑटो रोकने के लिए अपना हाथ दिखाती है, सड़क पर सवारी देख ऑटो ड्राइवर उस औरत के पास जाकर ऑटो रोक देता है। ऑटो ड्राइवर ने पूछा: कहाँ जाना है मेडम ? औरत: अजय नगर जाना है। ऑटो ड्राइवर ने अपना फ़ोन निकाला और मेप पर अजय नगर ढूंढने लगा क्योकि वो इस शहर में नया आया था। अजय नगर वहां से करीब 10 किमी था। ऑटो ड्राइवर ने बोला: मेडम 300 रुपये किराया लगेगा अजय नगर तक का। औरत ने बोला: नहीं, सिर्फ 100 रुपये लगते है अजय नगर तक के मै रोज जाती हूँ। ऑटो ड्राइवर ने कुछ देर सोचा और बोला बैठिये मेडम छोड़ देता हूँ। वह औरत ऑटो में पीछे की सीट पर जाकर बैठ गयी। ऑटो अजय नगर की ओर निकल पड़ता है। करीब 3-4 किमी चलने के बाद ऑटो ड्राइवर सामने वाले शीशे में पीछे बैठी हुई औरत को बार-बार देख रहा था। वह औरत भी काफी देर से उसकी इस हरकत को देख रही थी। तभी उस औरत का फोन बजता है, जिस पर उसके किसी दोस्त की कॉल आरही थी। वह फ़ोन उठाती है और बोलती है। Bhoot Bangla हेलो जानवी ! जानवी: यार, आज में तेरे घर नहीं आ सकती हूँ। ऑटो में बैठी औरत ने बोला: क्यों क्या हुआ , तुझे तो पता है मेरे पति घर पर नहीं है। वह कुछ दिनों...

Haunted Book: The Mysterious Box | Chapter 3

Haunted Book: The Mysterious Box | Chapter 3

Haunted Book: The Mysterious Box | Chapter 3 – कैलाश और उसकी पत्नी को रहने के लिए एक घर की आवश्यकता थी। फिर एक दिन उन्हें कॉल आया कि एक बहुत ही शानदार बांग्ला बिकाऊ है बहुत ही काम दामों में। कैलाश को उस बंगले के बारे में ठीक से जानकारी नहीं थी और उन्हें यह कम दाम में इतना बड़ा बंगला मिल गया था, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। यह बिल्कुल सच था कि बंगला बहुत बड़ा था। इस बंगले के चारों ओर बड़े-बड़े पेड़ थे। मानो पूरा बंगला जंगल में समा गया हो। बंगले की दीवारों पर लगा प्लास्टर इधर-उधर से उखड़ हुआ, बेलें बंगले की छत के ऊपर पहुंच गईं, जिससे बंगला और भी डरावना लग रहा था। अगर अपने Haunted Book के पहले 2 भाग नहीं पढ़े है तो उन्हें भी पढ़े: Haunted Book: Musaafir | Chapter 1 Haunted Book: Sapno Ki Duniya | Chapter 2 कैलाश की पत्नी जिसका नाम प्रेमलता था। उसे भी यह बंगला बहुत पसंद आया, वह जानता था कि इस बंगले को साफ करने की जरूरत है। उसके बाद यह और भी अच्छा दिखेगा, क्योंकि हमें इतना बड़ा बंगला मिला है। इससे दोनों बहुत खुश हुए। लेकिन उन्हें इस बंगले की हकीकत का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह बंगला कितना खतरनाक है। कुछ दिनों तक उन्होंने बंगले को अच्छी तरह से साफ किया और रहने योग्य बना दिया। एक बार की बात है जब कैलाश काम से अपने घर आ रहे थे तो रास्ते में उनकी मुलाकात एक बूढ़ी औरत से हुई और उनसे कहने लगे कि लगता है तुम उसी बंगले में रहते हो, जल्द...

Naagin 2: Atit Se Parichay

Naagin 2: Atit Se Parichay

Naagin: Atit Se Parichay | नागिन: अतीत से परिचय – नागिन कहानी का यह दूसरा भाग है अगर अपने इस नागिन की कहानी का पहला भाग एक थी नागिन नहीं पढ़ा है तो पहले उसे पढ़े उसके बाद इसके दूसरे भाग को पढ़ें। कहानी के हर भाग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। नागिन का पहला भाग पढ़े: Ek Thi Naagin | एक थी नागिन Naagin: Atit Se Parichay | नागिन: अतीत से परिचय – सब लोग इस बात से चिंतित थे। कि “कौन थी वो” और अचानक से गायब कैसे होगयी। लेकिन कुछ समय बाद वो जब फिर से सबके सामने आयी तो सब लोग फिर से हक्के बक्के गये। और इस बार वो काफी गुस्से में भी थी। क्योकि साधु महाराज ने उसके बारे में काफी भला बुरा बोला था। जिसके कारन उसे गुस्सा भी आ रहा है। वो साधु से गुस्से में कहती है, “क्या बोल तूने मै खतरनाक साबित हो सकती हूं ? साधु: देखा महाराज देखा, इस नागिन का जहरीला गुस्सा। ये बहुत ही खतरनाक नागिन है। ये पकड़ में आ जाये इसीलिए मैंने ये बीन बजवाई थी। इस नागिन को मैने जंगल मे देखा था। इसने एक आदिवासी को डस कर मार डाला है। नागिन: ये तू क्या बोल रहा है ? मैंने आज तक किसी की भी जान नही ली। क्यो जुठ बोल रहा है तू? साधु: क्यो, अब सच सामने आया तो मै झूठ बोल रहा हूँ। ठीक है तो बोल, तुझे जंगल मे आदिवासीयों ने पकड़ा था कि नही? नागिन: हा… पकड़ा था। साधु: फिर वो लोग तुझसे डरकर भाग गए थे कि नही? नागिन: हा…. ये बात सच है कि...

Wo Kon Thi

Wo Kon Thi

Wo Kon Thi | वो कौन थी: सितंबर के महीने की काली अँधेरी रात थी। धीरे धीरे हवा की ठंडी लहरें चल रही थी, आकाश में बिजली चमक रही थी। सुरेन्द्र अपने घर से दूर अपने खेत में खाट में सोया हुआ था। उसका खेत गाँव के तालाब के पास था। बारिश के कारन पूरा तालाब पानी से भर गया था और खेत में घास भी ज्यादा हो गई थी। जिसके कारण अंधेरे में यह सब बहुत ज़्यादा डरावना लग रहा था। उस तालाब के किनारे आम के 5 -6 बड़े बड़े पेड़ थे। आम के पेड़ की पक्तियों की आवाज भी काफी डरावनी लग रही थी। अचानक खेत में बंधी हुई भैंसो ने चिल्लाना शरु कर दिया। सुरेन्द्र को पता ही नहीं चल रहा था की आखिर यह भैंसे ऐसा क्यों कर रही है। उसे लगा की शायद ठंड के कारण यह भैंसे ऐसा कर रही हैं। इसीलिए सुरेन्द्र ने खेत में चिमनी जलाई। यह सभी देखें – Basebook.in : Rating and Reviews Platform उस चिमनी के उजाले में सुरेन्द्र की नजर उसकी खाट पे पड़ी। उन्होंने देखा की एक स्री उनकी खाट पे बैठी है। यह देख कर उनका शरीर डर के मारे कांपने लगा। उसी वक्त आकाश में बिजली का तेज गड़गड़ाहट हुई। वैसे तो सुरेन्द्र बहादुर था, लेकिन आज उन्हे भी थोड़ा डर लग रहा था। उसी वक्त सुरेन्द्र ने आग में शुकी घास डाली और आग को ज्यादा बढ़ाया इसकी वजह से वो औरत ठीक से दिखाई दे रही थी। सुरेन्द्र ने आग के पास बैठे बैठे यही सोचने लगे कि “वह कोन है?” पर सामने से कोई प्रतिक्रिया नई मिली। इसीलिए सुरेन्द्र अचंबित...

खरगोश और कछुआ की दौड़ – एक नए अंदाज में

खरगोश और कछुआ की दौड़ – एक नए अंदाज में

खरगोश और कछुआ की दौड़ – एक नए अंदाज में: आप सभी ने बचपन में खरगोश और कछुआ की दौड़ की कहानी तो सुनी ही होगी। यह उसी कहानी से प्रेरित होकर दोबारा कुछ नए अंदाज में लिखी गयी है। जंगल में एक बड़ी पहाड़ी के पीछे बहुत सारे जंगली जानवर रहते थे। उन्हीं में एक खरगोश और कछुआ भी थे। पहाड़ी के बीच से एक नदी निकलती थी। सभी जंगली जानवर वहां पानी पीने आया करते थे। जब कभी भी कोई बड़ा और खतनाक जानवर वहां आता तो छोटे छोटे पशु पक्षी वहाँ से भाग जाते थे। खरगोश और उस जैसे कई फुर्तीले जानवर तुरंत भाग जाते थे। ये देखकर वहां रह जाने वाले छोटे छोटे जानवर पीछे रह जाते थे। जिनको खरगोश बहुत चिडता था। एक बार खरगोश को अपनी तेज चाल पर घमंड हो गया और वह जो मिलता उसे रेस लगाने के लिए चुनौती देता। उसने कछुए को भी रेस लगाने की चुनौती देने के साथ -साथ उसका मजाक भी उड़ाया। उसने कहा – तुम कितना धीरे चलते हो ! कछुआ हमेशा उसकी बात सुनकर हमेशा अनसुनी कर देता था। पर एक दिन खरगोश से उसे चुनौती देदी। यह सुनकर कछुए को गुस्सा आ गया और उसने खरगोश की चुनौती स्वीकार कर ली। खरगोश जोर-जोर से हँसने लगा, हँसते हुए उसने कछुए से कहा कि तुम मुझसे रेस लगाओगे ? कछुए ने कहा कल हम दोनों पहाड़ी के दूसरी तरफ जायेंगे फिर देखते हैं कौन पहले पहुँचता है। खरगोश और कछुआ की दौड़ – एक नए अंदाज में अगले दिन सुबह दौड़ शुरू हुई। खरगोश तेजी से दौड़ा और काफी आगे जाने के बाद उसने...

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