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Haunted Book: Chapter 2 – Sapno Ki Duniya

Haunted Book: Chapter 2 – Sapno ki Duniya | लोग कहते हैं अगर आप अपने सपनों में मर जाते हैं तो असल ज़िंदगी में भी मर जाते हैं। लेकिन ये सिर्फ़ एक झूठ है। क्या हो अगर जो सपनो में हो वो असल दुनिया में होने लगे। यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

अगर अपने इस कहानी का पहला भाग  Haunted Book: Chapter 1 – Musaafir नहीं पढ़ा है तो पहले उसे पढ़े उसके बाद इसके दूसरे भाग को पढ़ें। कहानी के हर भाग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसे भी पढ़ें:  Haunted Book: Chapter 1 – Musaafir

Haunted Book: Chapter 2 – Sapno ki Duniya

गहरी नींद में सो रही मिताली आधी रात को डरकर अचानक अपने बिस्तर पर बैठ जाती है। डर से उसका बुरा हाल था वह पसीने से पूरी तरह भीगी हुई थी।

मिताली की आवाज सुन उसकी मां भी जाग जाती है और मिताली से पूछने लगती है क्या हुआ तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो। लेकिन लड़खड़ाते जुबान से मिताली कुछ कह नहीं पा रही थी।

तभी मां ने कहा ठीक है इस कमरे में अभी अंधेरा छाया हुआ है। और यह कह मां लालटेन जलाने के लिए कमरे से बाहर चली जाती है। इधर डर से मिताली के दोनों आंखों की पुतलियां फैल चुकी थी।

मां को बाहर गए अभी कुछ ही क्षण हुए थे कि अचानक मिताली उस अंधेरे में घर का दरवाजा खोल दौड़ते हुए घने जंगलों की ओर जाने लगती है।

Haunted Book: Chapter 2 - Sapno ki Duniya
Haunted Book: Chapter 2 – Sapno ki Duniya

 

मां मिताली को देख उसे रोकने के लिए आवाज लगाती है लेकिन वह फिर भी नहीं रुकती…..

मां को पता था इतनी रात गए जंगलो की ओर जाना खतरे से खाली नहीं है इसलिए मां ने तुरंत ही लालटेन को हाथ में लिए खुद भी जंगलों की तरफ जाने लगी।।

देखते ही देखते मिताली अपनी मां की नजरों से ओझल हो गई।

मां ने काफी देर तक उस घने जंगल में मिताली को आवाज लगाई लेकिन उधर से उसका कोई उत्तर नहीं आया, मिताली को ढूंढने के लिए सुबह का इंतजार करने के अलावा मां के पास और कोई चारा नहीं था। इसलिए मां अपने घर को वापस आ जाती है।

घर पहुंच कर वह सुबह होने तक का इंतजार करती है। सुबह होते ही मां जब मिताली को ढूंढने के लिए जंगल की तरफ जाने के लिए सोचती है, तभी अचानक दरवाजे पर उसे मिताली खड़ी दिखती है। मां घबरा कर पूछने लगती है, इतनी रात को तुम कहां थी। मिताली काफी डरी हुई थी इसलिए मां ने उसे कहा ठीक है पहले अंदर आओ इसके बाद मुझे पूरी बात बताओ आखिर तुम्हारे साथ क्या हुआ।

मां ने मिताली की और पानी का ग्लास बढ़ाते हुए पूछा, आखिर इतनी रात को जंगलों की तरफ तुम क्यों गयी थी।

मिताली ने कहा, मां मुझे नींद आती है लेकिन, मैं सो नहीं पाती क्योंकि मैं जब भी सोती हूं, तो मुझे अपने सपने में एक बहुत ही डरावनी शक्ल की औरत दिखाई देती है जो मुझे अपने पास आने को कहती है।

तभी मां कहती है कि तुमने कोई बुरा सपना देखा होगा तुम आराम करो अब तुम्हें कुछ नहीं होगा।

लेकिन मिताली काफी डरी हुई थी वह कहती है नहीं अगर मैं सो जाऊंगी तो वह मुझे अपने सपने में इधर उधर ले जाएगी।

रात भर की थकान से मिताली की बात करते करते अचानक से फिर आँख लग जाती है और मिताली गहरी नींद में चली जाती है।

मिताली की मां को लग रहा था शायद थकान की वजह से मिताली यह सब बातें बता रही है शायद सोने पर उसे थोड़ा आराम मिल जाये।

दोपहर के एक बज रहे थे, बाहर तेज धूप थी। मां को कुछ काम था लेकिन इस बार मां मिताली को अपने नजरों से ओझल नहीं होने देना चाहती थी। इसलिए मां वहीं मिताली के पास में बैठी रही…..

मिताली को सोए हुए अभी 10 मिनट ही हुए थे अचानक दरवाजे पर किसी की दस्तक देने की आवाज आई, मां एकदम से घबरा गई उन्हें लग रहा था इतनी तेज धूप में आखिर बाहर कौन हो सकता है।

और मां दरवाजा खोलने के लिए चली जाती है। माँ ने दरवाजे को खोला तो उनके सामने एक औरत थी। मां ने उनसे पूछा क्या चाहिए आपको, तो उस औरत ने धीमी आवाज में कहा, मेरा एक छोटा बच्चा है जो खेलते खेलते कहीं गुम हो गया क्या आपने उसे  कहीं देखा है। मैं काफी देर से उसे ढूंढ रही हूं वह मुझे मिल नहीं रहा है।

मां ने कहा नहीं मैंने किसी बच्चे को नहीं देखा और यह कह मां तुरंत दरवाजे को बंद कर लेती है। मां फिर से मिताली के पास आकर बैठ जाती है। थोड़ी देर में मां ने देखा कि मिताली नींद में भी बेचैन नजर आ रही है। वह लगातार हाथ पैर इधर–उधर कर रही थी। ऐसा लग रहा था मानो उसे किसी ने कसकर जकड़ लिया हो।

मां उसे तुरंत ही जगाने लगती है। लेकिन तभी मिताली फिर अचानक शांत हो जाती है। मां को लगता है शायद फिर से उसने कोई बुरा सपना देखा होगा मुझे इसे नहीं जगाना चाहिए।

लेकिन मिताली नींद में जब करवट लेती है तो उसकी पीठ पर बने पंजे के निशान देख कर मां के होश उड़ जाते हैं।

मां ने तुरंत ही मिताली को नींद से जगा दिया और पूछने लगी की आखिर तुम्हारे पीठ पर यह निशान कैसे आये। रात को जब तुम जंगल की तरफ गयी थी कहीं ये वहा से तो नहीं लगे कही किसी जनवर ने तो हमला नहीं कर दिया था तुम पर।

मिताली ने कहा मुझे कुछ भी नहीं मालूम मुझे यह भी नहीं पता कि मैं जंगल की तरफ भी कभी गई थी।

मिताली ने तुरंत ही अपने मां से कहा, वह औरत कोई साधारण औरत नहीं वो एक प्रेत है जो मुझे नहीं छोड़ेगी , वह हर समय मेरे पास ही रहती है। वह हर बार मुझे अपने साथ लेने के लिए आती है।

अब मां को भी समझ आ गया था कि वह औरत जो बाहर दरवाजे पर आई थी वह प्रेत ही थी। और मिताली के पीठ पर बने निशान देखकर मां को पूरा यकीन हो गया था कि हमारे घर के अंदर कोई आत्मा मौजूद है। जो हमारी हर हरकत पर नजर रखे हुए है।

तभी फिर से दरवाजा खटखटाने की आवाज आयी। मिताली और उसकी माँ दोनों घबरा जाते है। कि ये सब हो क्या रहा है। कोई दरबाजे को बार बार जोर जोर से पीट रहा है।

बहुत हिम्मत करने के बाद दोनों  दरवाजे के पास जाते है। पर उसे खोलने की हिम्म्त नहीं होती।

तभी अचानक बाहर से एक आवाज आती है – दीदी दरवाजा खोलो।

वह आवाज मिताली के भाई ही थी। जो पिछले कुछ दिनों से लापता था।

तभी अचानक बाहर से एक आवाज आती है – दीदी दरवाजा खोलो।

वह आवाज मिताली के भाई की ही थी। जो पिछले कुछ दिनों से लापता था।

मिताली का भाई और उसके पिता डेविड अचानक अपने कमरे से गायब हो गए थे।  मिताली ने अपने भाई और पिताजी को पिछले दो दिनों से तलाश रही है।  मिताली ने अपने भाई से पूछा की तुम दो दिनों से कहाँ थे। और पिताजी कहा है।

डेविड के बेटे को कुछ समझ नहीं आ रहा था के ये सब हो क्या रहा है। लेकिन वो ये समझ चुका था की ये सब उस Haunted Book के कारण ही हो रहा है।

वह अपनी बहन मिताली से पूछता है क्या में पिछले दो दिन से गायब हूँ।  मिताली कहती है हाँ भाई आप और पिताजी पिछले दो दिनों से गायब हैं।

मिताली का भाई जल्दी से भाग कर अपने कमरे में जाता है। वहाँ पहुंच कर वो सब कुछ समझ जाता है और उसे सभी बातें याद आजाती है।  कि उसके पिताजी एक किताब लेकर आये थे।

जिसके पहले पाठ को वो अपने पिता के साथ बैठ कर पड़ रहा था।  जैसे ही पहला पाठ समाप्त हुआ। किताब से एक तेज रोशनी निकली।  जिससे उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली और जब आखें खोली तो हम एक अलग ही दुनिया में थे। जहां पर बिलकुल वैसा ही हो रहा था जैसा किताब के पहले पाठ में था।

और अब उसे साऊथ में आने का मतलब भी समझ आगया था।  तभी मिताली वहाँ आ जाती है और अपने बारे में बताना शुरू करती है।  कि कल से उसको भयानक और डरावने सपने आरहे हैं।

उसका भाई  मिताली की बात सुन ही रहा होता है, कि उसकी निगाह अचानक से एक किताब पर जाती है।  जो उसी के सामने मेज पर रखी थी।

मिताली का भाई धीरे धीरे मेज की तरफ बढ़ते हुए उससे पूछता है। क्या तुमने कोई किताब पढ़ी थी। मिताली ने कहा हाँ।

तभी वो मेज पर देखता है की वहाँ तो वहीं Haunted Book थी जो उसके हाथ में थी। जैसे ही उसकी उसने देखा कि किताब के दूसरे पाठ का आखरी पेज खुला हुआ था। जो किताब उसके हाथ में थी वो अचानक गायब हो गयी।

मां ने मिताली और उसके भाई को लेकर तांत्रिक के पास जाने के लिए सोचने लगी।

फिर वे एक तांत्रिक के पास पहुंचे  इन्होंने सारी बात बताई। तांत्रिक ने कहा ठीक है पहले मैं आपके घर को देखना चाहता हूं और यह कह तांत्रिक उनके घर की ओर उनके साथ आने लगा।

उनके घर को देख तांत्रिक को झटका लगा उसने कहा, आपको पता होना चाहिए कि आपका घर एक कब्र के ऊपर बना हुआ है। इसके नीचे कई सारी लाशे दबी हुई है। अगर आपने जल्दी ही इस घर को नहीं छोड़ा तो आपको कोई नहीं बचा सकता।

तांत्रिक ने उस किताब को बंद करके वही एक गड्डे में छिपा दिया। किताब बंद करते ही डेविड भी वही आगया।

उन्होंने उसी समय सारा सामान बांधकर उस गांव को छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने गांव वाले को भी नहीं बताया था कि आखिर वह लोग कहां गए। उन्हें डर था कि कहीं वह Haunted Book की वजह से फिरसे किसी मुश्किल में न आजायें।

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