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Kaatil Kon ?

Kaatil Kon ? | कातिल कौन ?: ईशा गार्डन के केबिन में बैठी सोच रही है, हालाँकि ईशा कभी इस केबिन में प्रवेश नहीं करती थी। लेकिन इस बार जो केस उसके हाथ में आया है, वास्तब में यह उसकी लाइफ का पहला रहस्यात्मक केस हैं।

इतनी दर्दनाक हत्या, मतलब वो बात हो गयी की कभी-कभी वास्तविकता कल्पना से अधिक अजीब होती है। ईशा को कुछ ऐसा ही लग रहा था।

ईशा को अचानक फ़ोन आता हैं।
हेलो मेम! क्या रिपोर्ट को यह फाइनल भेज दू…. ?

ईशा: नहीं, उसकी कोई जरुरत नहीं हैं, मैंने रिपोर्ट को देख लिया हैं। कुछ देर में वहां डिटेक्टिव आएगा, उसको सौप देना, और सुनो एक मेल मुझे भी भेज देना।

ईशा: और हाँ सुनो, बॉडी को फ्रीज़र में शिफ्ट करवा देना। मुझे लगता हैं यह एक सस्पेक्टेड मर्डर लगता हैं। हो सकता हैं हमें बॉडी को री-पोस्टमार्टम करना पड़े।

ईशा फिर से सोच में पड़ जाती हैं। एक सीधी साधी, सुबह से शाम तक ऑफिस में रहने वाली, सबके साथ हंसकर बात करने वाली का भला कौन दुश्मन हो सकता हैं। उसका कातिल कौन हो सकता है।

ईशा का फ़ोन फिर से बजता हैं।
ईशा का पति: अरे कहाँ हो तुम! अब तक तुम घर नहीं आई… ?
ईशा: हाँ अभी आती हूँ।

ईशा वहां से घर के लिए निकल जाती हैं। ईशा लिफ्ट में 7 पर क्लिक करती हैं। लिफ्ट पांचवे फ्लोर पर जाकर रुक गई। शायद किसी को ऊपर जाना हैं, इसलिए…

ईशा फिर से उसी मर्डर के बारे में सोचने लगती हैं। पांचवे फ्लोर में ही तो वह रहती थी।

ईशा हॉस्पिटल में एक फोरेंसिक पैथोलोजिस्ट हैं। क्रिटिकल एक्सीडेंट और सस्पेक्टेड मर्डर की स्थिति में पोस्टमार्टम करती हैं। ईशा ने अब तक 37 बॉडीज का पोस्टमार्टम किया है। लेकिन कभी इतना खतरनाक केस नहीं देखा।

आज से दो साल पहले की बात हैं – दीप्ती और रमेश दम्पति पॉल हिल्स से पाई टाउन शिफ्ट हुए थे। दीप्ती जूनियर असिस्टेंट से सिनियर असिस्टेंट बन गयी थी। इसलिए रमेश ने अपनी जॉब से समझौता कर लिया।

अब उसने भी यही रहकर जॉब करने की सोची। दोनों हमेशा खुश रहते। दीप्ती हमेशा सुबह उठकर घर का सारा कम ख़त्म कर बैंक चली जाती थी। रमेश भी अपने ऑफिस चला जाता था।

ईशा और दीप्ती की पहली मुलाकात स्मोकी गार्डन में हुई थी। तब से दोनों अच्छी दोस्त बन गई… लेकिन दीप्ती के साथ ऐसा होगा, ईशा ने कभी नहीं सोचा था।

लिफ्ट सातवें फ्लोर पर रूकती है और ईशा अपने फ्लैट में चली जाती है।

अगले दिन डिटेक्टिव और ईशा दोनों ऑफिस में बैठकर आपस में चर्चा कर रहे थे। ईशा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट विस्तार पूर्वक बताती है।

पहली गोली लगभग 30 मीटर की दुरी से चलायी गयी थी, लेकिन उससे दीप्ती की मौत नहीं हुई। लेकिन जब हत्यारे के पास बन्दुक थी तो उसने दुसरी गोली क्यों नही चलायी। दूसरा वार उसने चाकू से उसके चेहरे पर किया था, जो दाहिनी आँख से लेकर नाक से होता हुआ बाये गाल तक था।

इतना वार…. एक चाकू से …. मुझे लगता हैं…कोई बड़ा चाकू हो सकता हैं। मेरी फॉरेंसिक टीम को हत्यारे का एक भी सबुत नहीं मिला हैं।

डिटेक्टिव: दीप्ती को मारकर कार से बाहर निकालकर, कार को भी जला दिया। दीप्ती के पर्स से पैसे भी नही ले गया। न ही उसकी चेन, क्यों किया होगा उसका मर्डर, किसी भी तरह से चोरी का केस नही लगता। दीप्ती का पति…उसके ऊपर भी सक नहीं किया जा सकता। वो उस टाइम किसी पार्टी में था। उसके फ़ोन कॉल्स और मेरी स्टडी से ऐसा भी नही लगता की उसने किसी को हायर किया हो। तुमको क्या लगता हैं ईशा उसका कातिल कौन हो सकता है।

ईशा: दीप्ती की किसी से दुश्मनी नहीं हो सकती, ये मुझसे बेहतर और कोई नहीं जान सकता। लेकिन फिर भी…. आपको उसके सभी फ्रेंड्स पर गुप्त नज़र रखनी चाहिए। क्या पता कोई हलचल हो।

मर्डर हुआ…. शाम को 5 बजे….… दीप्ती बैंक से रवाना होती हैं। 4 बजे उसके सभी दोस्त उस दिन ऑफिस में थे। सीसी टीवी फूटेज से कोई फ्रेंड भी नहीं हो सकता। दुसरे दोस्तो से भी बातचीत कर ली हैं। बस अभी लास्ट आप्शन दीप्ती का फ़ोन हैं, बस फ़ोन कॉल्स की क्रॉस रिपोर्ट आ जाये तो फिर कुछ पता चल सकता हैं।

ईशा: अगर फ़ोन से भी कुछ नहीं मिला तो….
डिटेक्टिव: तो फिर ये राज ही रह जायेगा। फिर तो इस राज को एक ही आदमी सुलझा सकता है। द ग्रेट मास्टरमाइंड मिस्टर प्रोफ़ेसर (The Great Mastermind Mr. Professor)

PCR से डिटेक्टिव को फ़ोन आता हैं। सर, कॉल्स डिटेल्स रिपोर्ट आपको भेजदी है।

डिटेक्टिव ध्यान से देखता हैं, नहीं… ये कैसे हो सकता हैं। लास्ट कॉल उसके पति की हैं। 1 बजे उसके पति ने उसको फ़ोन किया था।

डिटेक्टिव ने वापस पीसीआर फ़ोन लगाया। क्या मुझे ये बता सकते हो की, दीप्ती की लास्ट टाइम रमेश से क्या बात हुई? जी सर! आप लाइव ऑडियो सुनिए ….
” हेल्लो! दीप्ती खाना खा लिया क्या, और सुनो आज मैं पार्टी में जा रहा हूँ। थोड़ा लेट आऊँगा। ” तो ये थी लास्ट कॉल।

डिटेक्टिव: मुझे लगता हैं अब ये केस द ग्रेट मास्टरमाइंड मिस्टर प्रोफ़ेसर के हवाले करना पड़ेगा। अब वही हैं जो इस केस को सॉल्व कर सकते है। चलो! ईशा जी मदद के लिए शुक्रिया……

अगले सप्ताह……

प्ली सिक्की में हुआ एक मर्डर। सेंट हीलियम हॉस्पिटल की सर्जन दीप्ती की हत्या…

ईशा ने झट से डिटेक्टिव को फोन लगाया।
ईशा: क्या तुमने आज का अखबार पड़ा।

डिटेक्टिव: नहीं तो क्यों,
ईशा: उसी जगह पर, एक और दीप्ती की हत्या हुई है… यह कैसे हो सकता है ?

ये केस तो एक पज़ल बनता जा रहा हैं। डॉ. दीप्ती को किसने मारा होगा, और क्यों मारा होगा? उसका कातिल कौन हो सकता है?

…………………………….To be Continue

क्या अप जानना चाहते हैं? डॉ. दीप्ती की हत्या कैसे हुई? और दूसरी डॉ. दीप्ती की हत्या का कोई आपस में क्या संबंध हैं?

क्या अप जानना चाहते हैं कि कातिल कौन है ?

जुड़े रहिए “कातिल कौन ” कहानी के साथ। इस कहानी का कातिल कौन भाग 2 जल्द ही आ रहा हैं।

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